हमारे(शियों के)अक़ीदे

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हम ने इस छोटी सी किताब में “इस्लाम के उसूल व फ़रूअ” में “शिया मज़हब” के अक़ीदों को जमा कर के लिखने की कोशिश की है और यह किताब हस्बे ज़ैल ख़ुसूसियात की हामिल है। 1. इसमें तमाम ज़रूरी मतालिब का निचौड़ मौजूद है ताकि पढ़ने वाले को दूसरी किताबों के पढ़ने की ज़रूरत पेश न आये। 2. तमाम बहसें रौशन और इबहाम से खाली हैं यहाँ तक कि उन इस्तलाहों से भी परहेज़ किया गया है जो फ़क़त इल्मी और होज़वी माहौल में इस्तेमाल होती हैं 3. वैसे तो इस किताब का मक़सद फ़क़त अक़ीदों का बयान है न कि उनकी दलीलों का, लेकिन कुछ बहुत हस्सास बहसों के लिए जहाँ तक हालात ने इजाज़त दी है किताबो सुन्नत और अक़्ल से उनकी दलीलों को भी बयान किया गया हैं। 4. तमाम बहसों में सभी मज़ाहिब के लिए अदब व इफ़्फ़ते क़लम की रिआयत की गई है।

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